छत्तीसगढ़ जनजातियाँ Tribes of Chhattisgarh Tribal Culture of Chhattisgarh

Tribal Culture of Chhattisgarh छत्तीसगढ़ भारत का एक महत्वपूर्ण जनजातीय राज्य है। यहाँ की संस्कृति, समाज और प्रशासनिक व्यवस्था में Tribal Communities की बहुत बड़ी भूमिका है। राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 30.62 प्रतिशत हिस्सा जनजातीय समुदायों का है। इसलिए Competitive Exams जैसे CGPSC, UPSC, Vyapam और अन्य सरकारी परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ की जनजातियों से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

इस Post में हम छत्तीसगढ़ की प्रमुख जनजातियाँ, उनका इतिहास, भौगोलिक वितरण, भाषा, अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण तथ्य बहुत सरल भाषा में समझेंगे।

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Table of Contents

छत्तीसगढ़ की प्रमुख जनजातियाँ याद रखने की ट्रिक

छत्तीसगढ़ की मुख्य जनजातियों को याद रखने के लिए एक आसान Mnemonic है

गोंड ने उरांव को कंवर के साथ बैगा में देखा

इसका मतलब

G = गोंड
O = उरांव
K = कंवर
B = बैगा

ये चार जनजातियाँ छत्तीसगढ़ की सबसे महत्वपूर्ण Tribal Groups मानी जाती हैं।

छत्तीसगढ़ की जनजातियों का ऐतिहासिक आधार: Tribal Culture of Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ का इतिहास बहुत प्राचीन है और इसका संबंध रामायण और महाभारत काल से भी जोड़ा जाता है।

मुख्य ऐतिहासिक तथ्य

  1. रामायण काल में इस क्षेत्र को दक्षिण कोसल और दंडकारण्य कहा गया है।
  2. महाभारत के वन पर्व में भी इस क्षेत्र की जनजातियों का उल्लेख मिलता है।
  3. गुप्तकाल में सम्राट समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति में महाकांतार के शासक व्याघ्रराज का उल्लेख मिलता है।
  4. प्राचीन समय में इन जनजातियों को आटविक या वनवासी कहा जाता था।
  5. मौर्य और गुप्त काल में इनकी वन युद्ध कला बहुत प्रसिद्ध थी और इन्हें शाही सेना में भी शामिल किया जाता था।

छत्तीसगढ़ नाम का पहला साहित्यिक उल्लेख

छत्तीसगढ़ नाम का पहला उल्लेख साहित्य में कवि गोपाल मिश्र ने किया था।

महत्वपूर्ण तथ्य

1689 ई में गोपाल मिश्र ने अपनी रचना खूब तमाशा में छत्तीसगढ़ शब्द का उपयोग किया।
गोपाल मिश्र रतनपुर राज्य के दरबारी कवि थे।
इसके बाद बाबू रेवाराम ने अपनी पुस्तक विक्रम विलास में भी छत्तीसगढ़ शब्द का उपयोग किया।

छत्तीसगढ़ की जनजातियों की संवैधानिक स्थिति

छत्तीसगढ़ भारत का 27वां राज्य है जिसका गठन 1 नवंबर 2000 को हुआ।

महत्वपूर्ण तथ्य

भारत के संविधान के अनुच्छेद 342 के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुल 42 जनजातियाँ अधिसूचित हैं।
2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की 30.62 प्रतिशत जनसंख्या अनुसूचित जनजाति है।
राज्य के 19 जिले पूर्ण रूप से और 6 जिले आंशिक रूप से अनुसूचित क्षेत्र में आते हैं।

यह आंकड़ा सरकार की Tribal Development Policy, Reservation Policy और Tribal Sub Plan के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

भौगोलिक आधार पर जनजातियों का वर्गीकरण

छत्तीसगढ़ की जनजातियों को तीन भौगोलिक क्षेत्रों में समझा जा सकता है।

1. उत्तरी क्षेत्र (सरगुजा संभाग)

इस क्षेत्र में पहाड़ी और वन क्षेत्र अधिक हैं।

मुख्य जनजातियाँ

उरांव
कंवर
मुंडा
पहाड़ी कोरवा
नगेशिया
खैरवार

इस क्षेत्र की कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण यहाँ की जनजातियों की पारंपरिक संस्कृति काफी हद तक सुरक्षित रही है।

2. मध्य क्षेत्र (रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग)

यह क्षेत्र मैदानी है और यहाँ Tribal और Non Tribal समाज का मिश्रण अधिक देखने को मिलता है।

मुख्य जनजातियाँ

गोंड
बैगा
कमार
अगरिया
भुंजिया

यहाँ आर्थिक गतिविधियाँ और सामाजिक संपर्क अधिक होने के कारण विकास अपेक्षाकृत तेज हुआ है।

3. दक्षिणी क्षेत्र (बस्तर संभाग)

यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है और इसे महाकांतार का क्षेत्र भी कहा जाता है।

मुख्य जनजातियाँ

मुरिया
माड़िया
हलबा
दोरला
परजा
भतरा

बस्तर क्षेत्र में जनजातीय संस्कृति अपने सबसे शुद्ध रूप में देखने को मिलती है।

आर्थिक आधार पर जनजातियों का वर्गीकरण

छत्तीसगढ़ की जनजातियों को उनकी आजीविका के आधार पर भी समझा जा सकता है।

1. खाद्य संग्राहक जनजातियाँ

ये जनजातियाँ जंगल से फल, कंद, मूल और अन्य वन उत्पाद एकत्र करती हैं।

उदाहरण

बिरहोर
पहाड़ी कोरवा

2. आदिम कृषक जनजातियाँ

ये जनजातियाँ पारंपरिक खेती करती हैं।

महत्वपूर्ण उदाहरण

बैगा और पंडो
इनकी खेती को बेवरा खेती कहा जाता है।

कमार और अबूझमाड़िया
इनकी खेती को पेंडा खेती कहा जाता है।

3. शिल्पकार जनजातियाँ

ये जनजातियाँ पारंपरिक कारीगरी के लिए प्रसिद्ध हैं।

उदाहरण

अगरिया
ये लौह शिल्प यानी Iron Smelting के लिए प्रसिद्ध हैं।

कंडरा
ये बांस से टोकरी, झुंझा और सूप जैसे उपकरण बनाते हैं।

भाषाई आधार पर जनजातियों का वर्गीकरण

छत्तीसगढ़ की जनजातीय भाषाएँ मुख्य रूप से तीन Language Families में आती हैं।

आर्य भाषा परिवार

हलबी
सदरी

आस्ट्रिक या मुंडा भाषा परिवार

मुंडा
कोरवा
खड़िया
सावरा

द्रविड़ भाषा परिवार

गोंडी
कुरुख (उरांव)
कुई (कोंध)
परजी

परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है कि कुरुख भाषा उरांव जनजाति बोलती है।

जनसंख्या और साक्षरता से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

2011 की जनगणना के अनुसार

छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी जनजाति
गोंड
लगभग 42.98 लाख जनसंख्या

सबसे छोटी जनजाति
परजा
लगभग 1212 जनसंख्या

साक्षरता के आधार पर

सबसे अधिक साक्षर जनजाति
हलबा
लगभग 76.2 प्रतिशत

सबसे कम साक्षर जनजाति
सोंता
लगभग 33 प्रतिशत

यह अंतर बताता है कि Tribal Education Policy को कमजोर जनजातीय समूहों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य

अधिकांश जनजातियाँ प्रोटो ऑस्ट्रोलॉइड नस्ल से संबंधित मानी जाती हैं।

माड़िया जनजाति में मृतक स्मृति स्तंभ बनाने की परंपरा होती है जिसे उरस्कल कहा जाता है।

स्थानांतरित खेती

बैगा = बेवरा खेती
कमार और अबूझमाड़िया = पेंडा खेती

जोगीमारा गुफा को विश्व की प्राचीनतम नाट्यशालाओं में से एक माना जाता है।

सिंघनपुर और कबरा पहाड़ प्रागैतिहासिक शैल चित्रों के लिए प्रसिद्ध हैं।

Practice MCQ Questions for CGPSC and Other Exams

प्रश्न 1 साहित्य में छत्तीसगढ़ शब्द का प्रथम प्रयोग किसने किया था

A रतनपुर के गोपाल मिश्र
B रायगढ़ के कवि
C बस्तर के राजा
D कांकेर के शासक

सही उत्तर
रतनपुर के कवि गोपाल मिश्र

प्रश्न 2 संविधान के अनुच्छेद 342 के अनुसार छत्तीसगढ़ में कितनी जनजातियाँ अधिसूचित हैं

A 36
B 40
C 42
D 48

सही उत्तर
42

प्रश्न 3 2011 की जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक साक्षर जनजाति कौन है

A उरांव
B हलबा
C गोंड
D कंवर

सही उत्तर
हलबा

प्रश्न 4 बेवरा खेती किस जनजाति से संबंधित है

A कमार
B बैगा
C मुरिया
D बिरहोर

सही उत्तर
बैगा

प्रश्न 5 कुरुख भाषा किस जनजाति द्वारा बोली जाती है

A गोंड
B उरांव
C कोरवा
D मुंडा

सही उत्तर
उरांव

प्रश्न 6 लौह शिल्प और Iron Smelting के लिए कौन सी जनजाति प्रसिद्ध है

A अगरिया
B खैरवार
C कंडरा
D बिंझवार

सही उत्तर
अगरिया

प्रश्न 7 छत्तीसगढ़ की कुल जनसंख्या में जनजातियों का प्रतिशत कितना है

A 25.50
B 30.62
C 32.11
D 34

सही उत्तर
30.62 प्रतिशत

प्रश्न 8 छत्तीसगढ़ की सबसे कम जनसंख्या वाली जनजाति कौन सी है

A बिरहोर
B परजा
C सोंता
D धनवार

सही उत्तर
परजा

प्रश्न 9 समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति में महाकांतार के किस शासक का उल्लेख मिलता है

A महेंद्र
B व्याघ्रराज
C गोपाल देव
D रुद्रप्रताप

सही उत्तर
व्याघ्रराज

प्रश्न 10 सिंघनपुर और कबरा पहाड़ किस जिले में स्थित हैं

A सरगुजा
B बस्तर
C रायगढ़
D बिलासपुर

सही उत्तर
रायगढ़

निष्कर्ष: Tribal Culture of Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की जनजातियाँ केवल सामाजिक समूह नहीं हैं बल्कि राज्य की पहचान और संस्कृति की मूल आधार हैं। इनके इतिहास, भाषा, संस्कृति और जीवन शैली को समझना प्रशासनिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है।

यदि आप CGPSC, UPSC, SSC या किसी भी Competitive Exam की तैयारी कर रहे हैं तो छत्तीसगढ़ की जनजातियों से जुड़े तथ्य जरूर याद रखें क्योंकि इससे हर साल कई प्रश्न पूछे जाते हैं।

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