CG Ancient History MCQ Practice नमस्कार स्वागत है आप सभी का आज की नई प्रैक्टिस सेट में यहां पर हम MCQ अर्थात वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का प्रैक्टिस करेंगे जो बहुत ही महत्वपूर्ण है और अलग-अलग परीक्षाओं में पूछे जाते हैं यह छत्तीसगढ़ के प्राचीन इतिहास से जुड़ी प्रश्न है यहां पर प्रश्नों का प्रकार सभी टाइप के हैं जैसे कूट वाले Questions तथा सही जोड़ी व नई परीक्षा पैटर्न के आधार पर बनाए गए हैं।
तो इन प्रश्नों को जरूर हल करें और इसके बाद नीचे आप इसका टेस्ट सीरीज भी दिया गया हैं जिससे आपको यह पता चलेगा कि आपने इस एमसीक्यू प्रेक्टिस करने के बाद आपको कितना समझ आया तो इसके लिए नीचे आपको टेस्ट सीरीज का बटन जाना होगा उस पर जाकर आप अपना टेस्ट दे सकते हैं। धन्यवाद
CG Ancient History MCQ Practice
1. ‘प्रागैतिहासिक काल’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- इस काल में मानव सभ्यता का प्रारंभ हुआ था।
- इस काल के अध्ययन हेतु लिखित साक्ष्य प्राप्त होते हैं।
- इस काल के साक्ष्य केवल पुरातात्विक स्रोतों से प्राप्त होते हैं।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 1 और 3 सही हैं
(c) केवल 2 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (b) केवल 1 और 3 सही हैं Explanation: प्रागैतिहासिक काल में मानव सभ्यता का प्रारंभिक विकास हुआ, लेकिन इस काल में लिपि का विकास नहीं हुआ था, इसलिए लिखित साक्ष्य प्राप्त नहीं होते हैं। अध्ययन केवल पुरातात्विक स्रोतों (औजार, शैलचित्र, गुफाएं) पर निर्भर है.
2. ‘सिंघनपुर की गुफा’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- यह गुफा रायगढ़ जिले में चंवरढाल पहाड़ी के गिरिपाद पर स्थित दक्षिणमुखी गुफा है।
- इसकी खोज 1910 ई. में अंग्रेज इतिहासकार एंडरसन ने की थी।
- इसे ‘छत्तीसगढ़ का भीम बेटका’ भी कहा जाता है।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं Explanation: सिंघनपुर की गुफा से संबंधित ये सभी कथन सही हैं। यह रायगढ़ जिले में स्थित है, एंडरसन ने इसकी खोज की थी और इसे ‘छत्तीसगढ़ का भीम बेटका’ कहा जाता है.
3. ‘मध्य पाषाण काल’ से संबंधित साक्ष्यों के लिए निम्नलिखित स्थानों को उनके जिलों से सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (स्थान) | सूची-II (जिला) |
| A. कबरा पहाड़ | 1. बस्तर |
| B. कालीपुर | 2. जशपुर |
| C. जयमरगा | 3. रायगढ़ |
कूट:
(a) A-1, B-2, C-3
(b) A-3, B-1, C-2
(c) A-2, B-3, C-1
(d) A-1, B-3, C-2
Answer: (b) A-3, B-1, C-2 Explanation: कबरा पहाड़ रायगढ़ में है, कालीपुर बस्तर में है और जयमरगा जशपुर में स्थित मध्य पाषाणकालीन स्थल हैं.
4. ‘नव पाषाण काल’ से संबंधित साक्ष्यों के लिए निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- इस काल में मानव ने कृषि कर्म और पशु पालन सीख लिया था।
- इस काल के साक्ष्य चितवाडोंगरी, अर्जुनी, और बोनटिला से प्राप्त हुए हैं।
- चितवाडोंगरी से चीनी ड्रेगन का शैलचित्र प्राप्त हुआ है।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं Explanation: नव पाषाण काल में मानव विकास के अगले चरण में था और कृषि, पशुपालन आदि सीख चुका था। उल्लिखित स्थल इस काल से संबंधित हैं और चितवाडोंगरी से चीनी कला के साक्ष्य मिलते हैं.
5. निम्नलिखित में से किस स्थान पर ‘महापाषाण काल’ से संबंधित मेनहिर (पाषाण स्तंभ) प्राप्त हुआ है?
(a) करकाभाटा
(b) करहीभदर
(c) चिरचारी
(d) सोरर
Answer: (a) करकाभाटा Explanation: बालोद जिले के करकाभाटा से पाषाणयुग का मेनहिर (विशाल खड़े पत्थर) प्राप्त हुआ है.
6. ‘आद्यऐतिहासिक काल’ के अंतर्गत भारत में ‘सिंधुघाटी सभ्यता’ को रखा गया है। छत्तीसगढ़ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(a) इस काल के साक्ष्य छत्तीसगढ़ में भी मिले हैं।
(b) इस काल के साक्ष्य छत्तीसगढ़ में नहीं मिले हैं।
(c) इस काल के साक्ष्य केवल बस्तर क्षेत्र में मिले हैं।
(d) इस काल के साक्ष्य केवल रायगढ़ क्षेत्र में मिले हैं।
Answer: (b) इस काल के साक्ष्य छत्तीसगढ़ में नहीं मिले हैं। Explanation:आद्यऐतिहासिक काल के अंतर्गत आने वाली सिंधुघाटी सभ्यता के साक्ष्य छत्तीसगढ़ में नहीं मिले हैं.
7. ‘ऋग्वैदिक काल’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (A): ऋग्वैदिक काल में आर्यों का विस्तार सप्तसैंधव प्रदेश तक ही सीमित था।
कारण (R): ऋग्वैदिक काल में छत्तीसगढ़ का वर्णन नहीं मिलता है।
कूट:
(a) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(d) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
Answer: (a) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है। Explanation: चूंकि ऋग्वैदिक काल में आर्यों का विस्तार मध्य और दक्षिण भारत में नहीं हुआ था, इसलिए छत्तीसगढ़ का वर्णन ऋग्वेद में नहीं मिलता है। कारण, कथन की सही व्याख्या करता है.
8. ‘उत्तर वैदिक काल’ के दौरान छत्तीसगढ़ में आर्यों का प्रवेश और प्रसार हुआ था, इसका प्रमाण है:
(a) कौषीतकि ब्राह्मण ग्रंथ में विन्ध्याचल पर्वत का वर्णन।
(b) नर्मदा नदी का उल्लेख रेवा नदी के रूप में किया जाना।
(c) शतपथ ब्राह्मण ग्रंथ में पूर्वी तथा पश्चिमी समुद्र का उल्लेख।
(d) उपरोक्त सभी।
Answer: (d) उपरोक्त सभी। Explanation: ये सभी प्रमाण दर्शाते हैं कि उत्तर वैदिक काल के दौरान आर्यों का प्रसार मध्य भारत और दक्षिण भारत में हो चुका था, जिससे छत्तीसगढ़ भी इस काल के ऐतिहासिक घटनाओं से अछूता नहीं रहा.
9. ‘रामायण काल’ में छत्तीसगढ़ क्षेत्र को किस नाम से जाना जाता था?
(a) दक्षिण कोसल
(b) दण्डकारण्य
(c) प्राक्कोसल
(d) कान्तार
Answer: (a) दक्षिण कोसल Explanation: रामायण काल में इस क्षेत्र का राजा कोसल था जिसके आधार पर इस क्षेत्र का नाम कोसल प्रदेश या दक्षिण कोसल पड़ा.
10. ‘माता कौशल्या मंदिर’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- यह मंदिर चंदखुरी (रायपुर) में जलसेन सरोवर के मध्य टापू में स्थित है।
- यह पुरातात्विक दृष्टि से सोमवंश के शासन काल (8वीं-9वीं शताब्दी) में निर्मित है।
- मंदिर को किनारे से जोड़ने के लिए सुषेण सेतु का निर्माण किया गया है।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं Explanation: चंदखुरी में स्थित यह मंदिर माता कौशल्या को समर्पित है और सोमवंश काल में निर्मित है। सुषेण सेतु इसे किनारे से जोड़ता है.
11. ‘राम वनगमन पर्यटन परिपथ’ योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- इस योजना की शुरुआत 22 नवंबर 2019 को चंदखुरी से हुई थी।
- प्रथम चरण में विकास हेतु 10 स्थल चिन्हित किए गए हैं।
- इसकी कुल लंबाई 2260 किलोमीटर है।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं Explanation: राम वनगमन पर्यटन परिपथ योजना के अंतर्गत 75 स्थल चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से प्रथम चरण में 10 स्थलों का विकास किया जा रहा है। योजना की शुरुआत, लंबाई और उद्घाटन तिथि सही दी गई है।
12. ‘सीतामढ़ी हरचौका’ (भरतपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (A): यह स्थल भगवान श्रीराम के प्रथम चरण स्पर्श स्थल के रूप में मान्य है।
कारण (R): यह अत्रिमुनि का आश्रम स्थल भी माना जाता है।
कूट:
(a) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(d) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
Answer: (a) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है। Explanation: वाल्मीकि रामायण के अनुसार भगवान राम छत्तीसगढ़ में बनास नदी से प्रवेश किए और सीतामढ़ी हरचौका में प्रथम चरण स्पर्श किया। यह अत्रिमुनि का आश्रम भी है, जो इस स्थल के धार्मिक महत्व को और बढ़ाता है।
13. ‘महाभारत काल’ में छत्तीसगढ़ को किस नाम से जाना जाता था?
(a) दक्षिण कोसल
(b) प्राक्कोसल
(c) कान्तार
(d) उपरोक्त सभी
Answer: (d) उपरोक्त सभी Explanation: महाभारत के भीष्म पर्व में छत्तीसगढ़ का नाम ‘प्राक्कोसल’ (सहदेव द्वारा विजित क्षेत्र) तथा कर्ण द्वारा की गई दिग्विजय में ‘कोसल’ के नाम से वर्णित है। बस्तर वनक्षेत्र को ‘कान्तार’ कहा गया है।
14. ‘महाभारतकालीन स्थल’ और उनके प्राचीन नाम/विशेषता को सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (स्थान) | सूची-II (प्राचीन नाम/विशेषता) |
| A. रतनपुर | 1. खल्लवाटिका |
| B. आरंग | 2. चित्रांगदपुर |
| C. खल्लारी | 3. भाण्डेर |
| D. सिरपुर | 4. मणिपुर/रत्नावलीपुरी |
कूट:
(a) A-4, B-3, C-1, D-2
(b) A-3, B-4, C-2, D-1
(c) A-1, B-2, C-3, D-4
(d) A-2, B-1, C-4, D-3
Answer: (a) A-4, B-3, C-1, D-2 Explanation: रतनपुर का नाम मणिपुर, आरंग का भाण्डेर, खल्लारी का खल्लवाटिका और सिरपुर का चित्रांगदपुर था, जो महाभारत काल की किंवदंतियों से जुड़े हैं।
15. राजा मोरध्वज और उनके पुत्र ताम्रध्वज की कथा से संबंधित स्थल कौन सा है, जहाँ आरे से अंग को चीरने के कारण उस क्षेत्र का नाम पड़ा?
(a) रतनपुर
(b) सिरपुर
(c) आरंग
(d) गुंजी
Answer: (c) आरंग Explanation: जनश्रुति के अनुसार, राजा मोरध्वज ने ब्राह्मण वेश में आए कृष्ण और अर्जुन के कहने पर अपने पुत्र ताम्रध्वज को आरे से चीरकर शेर (यमराज) को भोजन देने की शर्त मान ली थी। इसी घटना से इस क्षेत्र का नाम आरंग पड़ा।
16. ‘बौद्धकालीन छत्तीसगढ़’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- इस काल में छत्तीसगढ़ चेदि महाजनपद के अंतर्गत शामिल था।
- गौतम बुद्ध धर्म प्रचार हेतु दक्षिण कोसल आए थे और 3 महीने राजधानी में प्रवास किया था।
- ह्वेनसांग के यात्रा वृत्तांत ‘सी-यू-की’ से भी यह पुष्टि होती है कि गौतम बुद्ध दक्षिण कोसल आए थे।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं
(b) केवल 2 और 3 सही हैं
(c) केवल 1 और 3 सही हैं
(d) 1, 2, और 3 सभी सही हैं
Answer: (b) केवल 2 और 3 सही हैं Explanation: महाजनपद काल में छत्तीसगढ़ चेदि महाजनपद के अंतर्गत शामिल था, न कि बौद्ध काल में। बौद्ध काल में यह कोसल जनपद के अंतर्गत था। अवदान शतक ग्रंथ और ह्वेनसांग के यात्रा वृत्तांत से बुद्ध के छत्तीसगढ़ आगमन की पुष्टि होती है।
17. ‘सिंघनपुर की गुफा’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों को सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (विशेषता) | सूची-II (विवरण) |
| A. उपनाम | 1. 1910 ई. (एंडरसन) |
| B. खोजकर्ता | 2. 1923-27 ई. (अमरनाथ दत्त) |
| C. विस्तृत अध्ययन | 3. छत्तीसगढ़ का भीम बेटका |
कूट:
(a) A-1, B-2, C-3
(b) A-3, B-1, C-2
(c) A-2, B-3, C-1
(d) A-1, B-3, C-2
Answer: (b) A-3, B-1, C-2 Explanation: सिंघनपुर का उपनाम ‘छत्तीसगढ़ का भीम बेटका’ है, एंडरसन ने 1910 में खोज की और अमरनाथ दत्त ने 1923-27 में विस्तृत अध्ययन किया।
18. बौद्धकालीन स्थल ‘सिरपुर’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (A): सिरपुर में बौद्ध, हिन्दू और जैन मंदिर तथा मठों के स्मारक हैं।
कारण (R): सिरपुर तथा मल्हार से बौद्ध धर्म के तंत्रवाद से प्रभावित शाखा वज्रयान एवं सहजयान के विकास के प्रमाण मिले हैं।
कूट:
(a) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(d) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
Answer: (b) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है। Explanation: दोनों कथन स्वतंत्र रूप से सही हैं। सिरपुर में विभिन्न धर्मों के स्मारक हैं। सिरपुर और मल्हार में बौद्ध धर्म की वज्रयान और सहजयान शाखाओं के प्रमाण मिले हैं, लेकिन यह कारण पहले कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता।
19. छत्तीसगढ़ में स्थित प्राचीनतम बौद्धकालीन स्थल और उनके जिलों को सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (स्थल) | सूची-II (जिला) |
| A. सिरपुर | 1. कोण्डागांव |
| B. भोंगापाल | 2. बिलासपुर |
| C. मल्हार | 3. महासमुंद |
कूट:
(a) A-1, B-2, C-3
(b) A-3, B-1, C-2
(c) A-2, B-3, C-1
(d) A-1, B-3, C-2
Answer: (b) A-3, B-1, C-2 Explanation: सिरपुर महासमुंद में, भोंगापाल कोण्डागांव में और मल्हार बिलासपुर में स्थित प्रमुख बौद्धकालीन स्थल हैं।
20. छत्तीसगढ़ में ‘जैन धर्म’ से संबंधित प्राचीन स्मारक निम्नलिखित में से कहाँ प्राप्त हुए हैं?
(a) मल्हार
(b) सिरपुर
(c) महेशपुर
(d) उपरोक्त सभी
Answer: (d) उपरोक्त सभी Explanation: जैन धर्म से संबंधित प्राचीन स्मारक मल्हार (बिलासपुर), सिरपुर (महासमुंद) एवं महेशपुर (सरगुजा) से प्राप्त हुए हैं।

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